हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.19.2

मंडल 9 → सूक्त 19 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 19
यु॒वं हि स्थः स्व॑र्पती॒ इन्द्र॑श्च सोम॒ गोप॑ती । ई॒शा॒ना पि॑प्यतं॒ धियः॑ ॥ (२)
हे सोम! तुम एवं इंद्र सबके स्वामी एवं गायों का पालन करते हो. तुम हमारे यज्ञकर्मो को पूरा करो. (२)
Hey Mon! You and Indra follow all the masters and cows. You complete our yajnakarma. (2)