हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.21.2

मंडल 9 → सूक्त 21 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 21
प्र॒वृ॒ण्वन्तो॑ अभि॒युजः॒ सुष्व॑ये वरिवो॒विदः॑ । स्व॒यं स्तो॒त्रे व॑य॒स्कृतः॑ ॥ (२)
निचोड़ने की क्रिया का आश्रय लेने वाले एवं रस निचोड़ने वाले को धन प्राप्त कराने वाले सोम स्तोता को अन्न देते हैं. (२)
Som, who takes shelter in the process of squeezing and who gets money to the juice squeezer, gives food to the stota. (2)