हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.21.3

मंडल 9 → सूक्त 21 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 21
वृथा॒ क्रीळ॑न्त॒ इन्द॑वः स॒धस्थ॑म॒भ्येक॒मित् । सिन्धो॑रू॒र्मा व्य॑क्षरन् ॥ (३)
अनायास क्रीड़ा करते हुए सोम एक साथ ही द्रोणकलश एवं वसतीवरी में टपकते हैं. (३)
While playing spontaneously, Som drips together in Dronakalash and Vasativari. (3)