हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.24.3

मंडल 9 → सूक्त 24 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 24
प्र प॑वमान धन्वसि॒ सोमेन्द्रा॑य॒ पात॑वे । नृभि॑र्य॒तो वि नी॑यसे ॥ (३)
हे पवमान सोम! मनुष्य तुम्हें चाहे जहां ले जावें. तुम वहीं रहकर इंद्र के पीने के उद्देश्य से इंद्र के पास पहुंचते हो. (३)
O Pawman Mon! Humans take you wherever they want. You stay there and reach Indra for the purpose of drinking. (3)