हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.27.2

मंडल 9 → सूक्त 27 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 27
ए॒ष इन्द्रा॑य वा॒यवे॑ स्व॒र्जित्परि॑ षिच्यते । प॒वित्रे॑ दक्ष॒साध॑नः ॥ (२)
सबको जीतने वाले एवं शक्तिदाता सोम को दशापवित्र पर इंद्र एवं वायु के लिए सींचा जाता है. (२)
Soma, who conquers everyone and gives power, is watered on the Dashapavittra for Indra and Vayu. (2)