हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.28.2

मंडल 9 → सूक्त 28 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 28
ए॒ष प॒वित्रे॑ अक्षर॒त्सोमो॑ दे॒वेभ्यः॑ सु॒तः । विश्वा॒ धामा॑न्यावि॒शन् ॥ (२)
देवों के लिए निचोड़े गए सोमदेव शरीरों में प्रवेश पाने के लिए दशापवित्र पर गिरते हैं. (२)
The Somdevs squeezed for the devas fall on the dashapavitra to gain entry into the bodies. (2)