ऋग्वेद (मंडल 9)
सु॒त ए॑ति प॒वित्र॒ आ त्विषिं॒ दधा॑न॒ ओज॑सा । वि॒चक्षा॑णो विरो॒चय॑न् ॥ (३)
दीप्ति धारण करते हुए एवं सबको देखते हुए निचोड़े गए सोम सबको दीप्त बनाते हैं एवं अपनी शक्ति से दशापवित्र पर जाते हैं. (३)
Wearing a lamp and looking at everyone, the squeezed Monma makes everyone glow and goes to Dashapavitra with his power. (3)