हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.40.4

मंडल 9 → सूक्त 40 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 40
विश्वा॑ सोम पवमान द्यु॒म्नानी॑न्द॒वा भ॑र । वि॒दाः स॑ह॒स्रिणी॒रिषः॑ ॥ (४)
हे निचुड़ते हुए दीप्तिशाली सोम! तुम बहुत प्रकार का अन्न हमारे पास लाओ एवं हमें हजारों प्रकार का अन्न दो. (४)
O wretched radiant Mon! Bring us many kinds of food and give us thousands of kinds of food. (4)