ऋग्वेद (मंडल 9)
पव॑मानो असिष्यद॒द्रक्षां॑स्यप॒जङ्घ॑नत् । प्र॒त्न॒वद्रो॒चय॒न्रुचः॑ ॥ (५)
ये निचुड़ते हुए सोम राक्षसों को मारते हुए एवं अपनी दीप्तियों को पहले के समान प्रकाशित करते हुए टपकते हैं. (५)
These lingering mons drip, killing the demons and illuminating their lamps as before. (5)