हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.50.1

मंडल 9 → सूक्त 50 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 50
उत्ते॒ शुष्मा॑स ईरते॒ सिन्धो॑रू॒र्मेरि॑व स्व॒नः । वा॒णस्य॑ चोदया प॒विम् ॥ (१)
हे सोम! तुम्हारा वेग सागर की लहरों के समान चलता है. तुम धनुष से छोड़े हुए बाण के समान शब्द करो. (१)
Hey Mon! Your velocity moves like the waves of the ocean. Make a word like an arrow you left from the bow. (1)