हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.5.10

मंडल 9 → सूक्त 5 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 5
वन॒स्पतिं॑ पवमान॒ मध्वा॒ सम॑ङ्ग्धि॒ धार॑या । स॒हस्र॑वल्शं॒ हरि॑तं॒ भ्राज॑मानं हिर॒ण्यय॑म् ॥ (१०)
हे पवमान सोम! कभी हरे रंग वाले तथा कभी सुनहरे रंग के, दीप्तिशाली एवं हजार शाखाओं वाले वनस्पति देव का मधुर धारा से संस्कार करो. (१०)
O Pawman Mon! Worship the vegetable god, sometimes green and sometimes golden in colour, bright and with a thousand branches, with a sweet stream. (10)