हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.5.11

मंडल 9 → सूक्त 5 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 5
विश्वे॑ देवाः॒ स्वाहा॑कृतिं॒ पव॑मान॒स्या ग॑त । वा॒युर्बृह॒स्पतिः॒ सूर्यो॒ऽग्निरिन्द्रः॑ स॒जोष॑सः ॥ (११)
हे विश्वेदेव! वायु, बृहस्पति, सूर्य, अग्नि और इंद्र! तुम सब एकत्र होकर पवमान सोम की ओर स्वाहा शब्द के साथ जाओ. (११)
O God! Air, Jupiter, Sun, Agni and Indra! All of you get together and go towards Pavaman Mon with the word Swaha. (11)