हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.50.5

मंडल 9 → सूक्त 50 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 50
स प॑वस्व मदिन्तम॒ गोभि॑रञ्जा॒नो अ॒क्तुभिः॑ । इन्द॒विन्द्रा॑य पी॒तये॑ ॥ (५)
हे अतिशय मादक सोम! तुम स्वादिष्ट बनाने वाले गाय के दूध, घी आदि से मिलकर इंद्र के पीने के लिए टपको. (५)
Oh, very intoxicating Mon! You mix with delicious cow's milk, ghee, etc. to drink indra.. (5)