हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.59.3

मंडल 9 → सूक्त 59 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 59
त्वं सो॑म॒ पव॑मानो॒ विश्वा॑नि दुरि॒ता त॑र । क॒विः सी॑द॒ नि ब॒र्हिषि॑ ॥ (३)
हे निचुड़ते हुए सोम! तुम राक्षसों द्वारा होने वाले सभी उपद्रव नष्ट करो. हे क्रांत कर्मो वाले सोम! तुम कुशों पर बैठी. (३)
O swollen Mon! Destroy all the fuss you caused by monsters. O mon of deeds! You sat on the kushas. (3)