हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.6.1

मंडल 9 → सूक्त 6 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 6
म॒न्द्रया॑ सोम॒ धार॑या॒ वृषा॑ पवस्व देव॒युः । अव्यो॒ वारे॑ष्वस्म॒युः ॥ (१)
हे अभिलाषापूरक, देवकामी एवं हमें चाहने वाले सोम! तुम हमारी रक्षा करो तथा मादक धारा से दशापवित्र में टपको. (१)
O wishing, O God, and the som who loves us! You protect us and plunge us into the tabernacle from the intoxicating stream. (1)