हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.64.14

मंडल 9 → सूक्त 64 → श्लोक 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 64
पु॒ना॒नो वरि॑वस्कृ॒ध्यूर्जं॒ जना॑य गिर्वणः । हरे॑ सृजा॒न आ॒शिर॑म् ॥ (१४)
हे स्तुतियों द्वारा प्रशंसनीय, हरे रंग वाले, दूध में डाले जाते हुए एवं पवित्र होते हुए सोम! तुम यजमान को अन्न और धन दो. (१४)
O Mon, admirable by the praises, green in color, poured into milk and being holy! You give food and wealth to the host. (14)