हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.64.19

मंडल 9 → सूक्त 64 → श्लोक 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 64
मिमा॑ति॒ वह्नि॒रेत॑शः प॒दं यु॑जा॒न ऋक्व॑भिः । प्र यत्स॑मु॒द्र आहि॑तः ॥ (१९)
हे सोम! जब तुम ढोने वाले घोड़े के समान हिनहिनाते हो और स्तोताओं द्वारा स्तुतियां सुनने के लिए यज्ञ स्थल में बुलाए जाते हो, तब तुम जल में स्थित होते हो. (१९)
Hey Mon! When you hunker like a carrying horse and are called to the place of yajna by the psalms to hear the praises, you are in the water. (19)