हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.64.21

मंडल 9 → सूक्त 64 → श्लोक 21 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 64
अ॒भि वे॒ना अ॑नूष॒तेय॑क्षन्ति॒ प्रचे॑तसः । मज्ज॒न्त्यवि॑चेतसः ॥ (२१)
सुंदर स्तोता सोम की स्तुति करते हैं, शोभन बुद्धि वाले लोग सोम के लिए यज्ञ करना चाहते हैं एवं बुद्धिहीन लोग नरक में डूबते हैं. (२१)
The beautiful stotas praise Som, people with a good intellect want to perform yajna for Som and the mindless people drown in hell. (21)