हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.66.27

मंडल 9 → सूक्त 66 → श्लोक 27 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 66
पव॑मानो॒ व्य॑श्नवद्र॒श्मिभि॑र्वाज॒सात॑मः । दध॑त्स्तो॒त्रे सु॒वीर्य॑म् ॥ (२७)
अन्न देने वालों में श्रेष्ठ व पवमान स्तोत्र बोलने वाले को शोभन वीर्य वाला पुत्र देने वाले सोम अपनी दीप्तियों से सारे संसार को व्याप्त कर लें. (२७)
May the som, who gives a son with a beautiful semen to the best of the givers of food and the best of the psalmists, pervade the whole world with his lamps. (27)