हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.66.28

मंडल 9 → सूक्त 66 → श्लोक 28 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 66
प्र सु॑वा॒न इन्दु॑रक्षाः प॒वित्र॒मत्य॒व्यय॑म् । पु॒ना॒न इन्दु॒रिन्द्र॒मा ॥ (२८)
पवित्र होते हुए सोम भेड़ के बालों से बने कंबल को पार करके टपकते हैं अर्थात्‌ पवित्र होते हुए सोम इंद्र के पास पहुंचें. (२८)
Being holy, Som crosses the blanket made of sheep's hair and drips, i.e., being holy, mon reaches Indra. (28)