ऋग्वेद (मंडल 9)
पव॑स्व सोम म॒न्दय॒न्निन्द्रा॑य॒ मधु॑मत्तमः ॥ (१६)
हे अतिशय मधुर रस वाले एवं मादक सोम! तुम इंद्र के लिए आओ. (१६)
O very sweet juiced and intoxicating mon! You come to Indra. (16)
मंडल 9 → सूक्त 67 → श्लोक 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation