ऋग्वेद (मंडल 9)
प्र काव्य॑मु॒शने॑व ब्रुवा॒णो दे॒वो दे॒वानां॒ जनि॑मा विवक्ति । महि॑व्रतः॒ शुचि॑बन्धुः पाव॒कः प॒दा व॑रा॒हो अ॒भ्ये॑ति॒ रेभ॑न् ॥ (७)
उशना ऋषि के समान स्तोत्र बोलते हुए वृषगण नामक ऋषि इंद्र आदि देवों का जन्म भली प्रकार बताते हैं. अनेक कर्म वाले, पवित्र तेज से युक्त, पापों को नष्ट करने वाले एवं शोभन दिनों वाले सोम शब्द करते हुए पात्रों में जाते हैं. (७)
Speaking the same hymn as The Sage Ushna, the sage named Vrishagana, Indra, tells the birth of the gods. Many workers, full of holy brightness, those who destroy sins and those with a good day go into the characters, doing the word som. (7)