हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 1.3.11

अध्याय 1 → खंड 3 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 1)

सामवेद: | खंड: 3
उदु त्यं जातवेदसं देवं वहन्ति केतवः । दृशे विश्वाय सूर्यम् ॥ (११)
सारे भुवनों को देखने के लिए सूर्य की किरणें जिस से उत्पन्न हुई हैं, ऐसे सूर्य के रूप में वे अग्नि को भलीभांति धारण किए रहती हैं. (११)
To see all the bhuvanas, the rays of the sun from which they have originated, in the form of such a sun, they hold the agni well. (11)