हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 11.2.8

अध्याय 11 → खंड 2 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 11)

सामवेद: | खंड: 2
पवमान रुचारुचा देवो देवेभ्यः सुतः । विश्वा वसून्या विश ॥ (८)
हे सोम! आप चमकीले व शुद्ध हैं. देवताओं को भेंट करने के लिए आप को छान कर तैयार किया गया है. आप हमें संसार के सारे वैभव दे दीजिए. (८)
O Mon! You are bright and pure. You have been filtered and prepared to offer to the gods. You give us all the glory of the world. (8)