हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 11.7.9

अध्याय 11 → खंड 7 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 11)

सामवेद: | खंड: 7
इन्द्रस्तुराषाण्मित्रो न जघान वृत्रं यतिर्न । बिभेद वलं भृगुर्न ससाहे शत्रून्मदे सोमस्य ॥ (९)
हे इंद्र! आप दुश्मनों के नाशक व शत्रुजित्‌ हैं. भृगु ऋषि ने जिस प्रकार वल राक्षस को मार गिराया, उसी प्रकार सोमरस पान से ऊर्जस्वी हो कर आप भी हमारे शत्रुओं को मार गिराएं. (९)
O Indra! You are the destroyer and enemy of enemies. Just as Bhrigu Rishi killed the demon Val, in the same way, you should also kill our enemies by being energetic with someras paan. (9)