सामवेद (अध्याय 12)
इन्द्राग्नी युवामिमे३ऽभि स्तोमा अनूषत । पिबतँ शम्भुवा सुतम् ॥ (१०)
हे इंद्र! हे अग्नि! हम यजमान आप दोनों देवताओं की उपासना करते हैं. आप दोनों सोमरस पीजिए. (१०)
O Indra! O agni! We hosts worship both of you gods. You both drink somers. (10)