हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.2.11

अध्याय 13 → खंड 2 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 2
तरत्स मन्दी धावति धारा सुतस्यान्धसः । तरत्स मन्दी धावति ॥ (११)
हे सोम! आप मददायी व पोषक हैं. आप की धारा छलनी में छनती है. आप की धाराएं वेग से बहती हैं. (११)
O Mon! You are helpful and nutritious. The stream of you filters into the sieve. Your currents flow at a velocity. (11)