सामवेद (अध्याय 13)
तव क्रत्वा तवोतिभिर्ज्योक्पश्येम सूर्यम् । अथा नो वस्यसस्कृधि ॥ (६)
हे सोम! आप के रक्षा साधनों और ज्ञान से हम दीर्घ काल तक सूर्य के दर्शन करने में समर्थ हो सकें. आप हमें दीर्घायु प्रदान करने की कृपा कीजिए. (६)
O Mon! With your defense tools and knowledge, we can be able to see the sun for a long time. Please give us long life. (6)