हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.2.5

अध्याय 13 → खंड 2 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 2
त्वँ सूर्ये न आ भज तव क्रत्वा तवोतिभिः । अथा नो वस्यसस्कृधि ॥ (५)
हे सोम! आप अपने रक्षा साधनों से हमें सूर्य को भजने के लिए प्रेरित कीजिए. आप हमारा हित साधने की कृपा कीजिए. (५)
O Mon! You inspire us to worship the sun with your defense tools. Please serve our interest. (5)