हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.3.9

अध्याय 13 → खंड 3 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 3
यद्वीडाविन्द्र यत्स्थिरे यत्पर्शाने पराभृतम् । वसु स्पार्हं तदा भर ॥ (९)
हे इंद्र! आप हमें वह सारा धन देने की कृपा कीजिए, जिसे आप ने शत्रुओं से जीता है तथा जिसे आप सब से छिपा कर (दूसरों को दिए बिना ही) सुरक्षित और अभेद्य जगह पर रखे हुए हैं. (९)
O Indra! Please give us all the money that you have won from enemies and which you are hiding from everyone (without giving it to others) in a safe and impenetrable place. (9)