हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.5.1

अध्याय 13 → खंड 5 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 5
रेवतीर्नः सधमाद इन्द्रे सन्तु तुविवाजाः । क्षुमन्तो याभिर्मदेम ॥ (१)
हे इंद्र! गौओं को अपने साथ रखने से हम सुख पाते हैं. आप की कृपा से हमारी गाएं स्वस्थ और पुष्ट हों, पर्याप्त घी व दूध दें. (१)
O Indra! We get happiness by keeping cows with us. By your grace, our cows should be healthy and strong, give enough ghee and milk. (1)