हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.7.8

अध्याय 13 → खंड 7 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 7
अर्चन्त्यर्कं मरुतः स्वर्का आ स्तोभति श्रुतो युवा स इन्द्रः ॥ (८)
साधक सम्माननीय व प्रशंसा के योग्य इंद्र को भजते हैं. बलिष्ठ एवं प्रसिद्ध इंद्र उन को अपना संरक्षण प्रदान करते हैं. (८)
Seekers worship Indra, respectable and worthy of praise. The strong and famous Indra gives them his protection. (8)