हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 14.3.9

अध्याय 14 → खंड 3 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 14)

सामवेद: | खंड: 3
इन्द्रा याहि तूतुजान उप ब्रह्माणि हरिवः । सुते दधिष्व नश्चनः ॥ (९)
हे इंद्र! आप अश्चों के पालनहार हैं. आप हमारी ब्रह्मस्तुतियों को सुनने के लिए यज्ञ में पधारने की कृपा कीजिए. आप हमारी भेंट की हुई हवि धारण कीजिए. (९)
O Indra! You are the sustainer of ashchas. Please come to the yagna to listen to our Brahmastutis. You wear our gifted havi. (9)