सामवेद (अध्याय 14)
ये सोमासः परावति ये अर्वावति सुन्विरे । ये वादः शर्यणावति ॥ (७)
हे सोम! आप शर्यणावत् (सायण के अनुसार 'शर्यणावत्” कुरुक्षेत्र के शर्यणा नामक मंडल (कमिश्नरी) की एक झील का नाम है.) तालाब के निकट उत्पन्न होते हैं. बाद में आप को परिष्कृत किया जाता है. (७)
O Mon! Aap Sharyanavat (according to Sayan', 'Sharyanavat' is the name of a lake in a mandal (commissionerate) called Sharyana in Kurukshetra. arise near the pond. Later you are refined. (7)