हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 14.6.1

अध्याय 14 → खंड 6 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 14)

सामवेद: | खंड: 6
आ ते वत्सो मनो यमत्परमाच्चित्सधस्थात् । अग्ने त्वां कामये गिरा ॥ (१)
हे अग्नि! हम वाणी से और वत्स ऋषि मन से आप की उपासना करते हैं. आप उस परम स्थान से भी हमारे पास पधारने की कृपा कीजिए. (१)
O agni! We worship you with speech and vats rishi mind. Please come to us from that supreme place too. (1)