हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 14.6.7

अध्याय 14 → खंड 6 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 14)

सामवेद: | खंड: 6
यदिन्द्र चित्र म इह नास्ति त्वादातमद्रिवः । राधस्तन्नो विदद्वस उभयाहस्त्या भर ॥ (७)
हे इंद्र! आप अदभुत हैं. आप जैसी आर्थिक सामर्थ्य हमारी नहीं है. आप दोनों हाथों से हमें भरपूर धन प्रदान (हाथ भरभर कर) कीजिए. (७)
O Indra! You are amazing. We don't have the kind of economic potential you have. Give us plenty of money with both your hands. (7)