सामवेद (अध्याय 15)
वयं ते अस्य राधसो वसोर्वसो पुरुस्पृहः । नि नेदिष्ठतमा इषः स्याम सुम्ने ते आध्रिगो ॥ (५)
हे सोम! हम आप का आश्रय चाहते हैं. आप सभी के द्वारा चाहे जाते हैं. आप हमें जो अन्नधन प्रदान करते हैं, उस से हम सुखी बनें. आप सूर्य के साथ वास करने वाले हैं. (५)
O Mon! We want your shelter. You go by everyone. May we be happy with the food you give us. You are going to live with the sun. (5)