हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 15.9.8

अध्याय 15 → खंड 9 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 15)

सामवेद: | खंड: 9
त्वं वलस्य गोमतोऽपावरद्रिवो बिलम् । त्वां देवा अबिभ्युषस्तुज्यमानास आविषुः ॥ (८)
हे इंद्र! आप ने अपने बल से गायों को चुराने वाले राक्षसों के जत्थे को नष्ट किया. राक्षसों के नाश के बाद सारे देवता इकट्ठे हुए. फिर वे सभी देवता तब आप के साथ संगठित हुए. (८)
O Indra! You destroyed the batch of demons who stole cows with your own force. After the destruction of the demons, all the gods gathered. Then all those gods then organized with you. (8)