सामवेद (अध्याय 16)
एष सूर्येण हासते संवसानो विवस्वता । पतिर्वाचो अदाभ्यः ॥ (६)
सोम बंधनमुक्त, उपासना योग्य व तेजस्वी हैं. सूर्य देव जल, वायु आदि पांच तत्त्वों में मिलने के लिए इसे छोड़ते हैं. (६)
Som is free from bondage, worshipable and radiant. The Sun God leaves it to meet the five elements of water, air etc. (6)