सामवेद (अध्याय 16)
पावमानीर्दधन्तु न इमं लोकमथो अमुम् । कामान्त्समर्धयन्तु नो देवीर्देवैः समाहृताः ॥ (४)
देवी और देवताओं ने मंत्र संकलित किए हैं. वे मंत्र न केवल इस लोक में बल्कि परलोक में भी हमारे लिए कल्याणकारक हों. वे हमारी सारी इच्छाएं पूरी करने वाले हों. (४)
Gods and goddesses have compiled mantras. May those mantras be beneficial for us not only in this world but also in the hereafter. They are going to fulfill all our wishes. (4)