हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 16.9.6

अध्याय 16 → खंड 9 → मंत्र 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 16)

सामवेद: | खंड: 9
परि स्वानश्चक्षसे देवमादनः क्रतुरिन्दुर्विचक्षणः ॥ (६)
सोमरस विलक्षण है और देवताओं के लिए आनंददायी है, यज्ञ का प्रमुख साधन है. सब को देखने के लिए सोम कलश में स्थित रहने की कृपा करें. (६)
Someras is eccentric and enjoyable to the gods, the main instrument of yajna. Please stay in som kalash to see everyone. (6)