सामवेद (अध्याय 17)
अजीजनो हि पवमान सूर्यं विधारे शक्मना पयः । गोजीरया रँहमानः पुरन्ध्या ॥ (९)
हे सोम! आप पवित्र हैं. आप सूर्य को उत्पन्न करने की और सूर्य जल धारण करने की सामर्थ्य रखते हैं. सूर्य पृथ्वीलोक में जीवन को गतिशील बनाने में समर्थ हैं. (९)
O Mon! You are holy. You have the ability to produce the sun and hold the sun water. The Sun is capable of making life dynamic in the earth. (9)