सामवेद (अध्याय 19)
अस्मास्मा इदन्धसोऽध्वर्यो प्र भरा सुतम् । कुवित्समस्य जेन्यस्य शर्धतोऽभिशस्तेरवस्वरत् ॥ (९)
हे पुरोहितो! सोमरस इंद्र के लिए प्राणभूत है. आप उन्हें खूब सोमरस भेंट कीजिए. वे जीतने योग्य शत्रुओं को नष्ट करेंगे. वे आप की रक्षा करेंगे. (९)
O priests! Someras is life-threatening for Indra. You present them a lot of somers. They will destroy winnable enemies. They will protect you. (9)