हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 19.2.6

अध्याय 19 → खंड 2 → मंत्र 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 19)

सामवेद: | खंड: 2
पवमान सुवीर्यँ रयिँ सोम रिरीहि नः । इन्दविन्द्रेण नो युजा ॥ (६)
हे सोम! आप पवित्र व अच्छे वीर्यवान हैं. आप हमें इंद्र से जोडिए. आप हमें उन से चाहा गया धन प्राप्त कराने की कृपा कीजिए. (६)
O Mon! You are pure and good virtuous. You connect us with Indra. Please please make us get the money we want from them. (6)