हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 2.10.9

अध्याय 2 → खंड 10 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 2)

सामवेद: | खंड: 10
इमे त इन्द्र सोमाः सुतासो ये च सोत्वाः । तेषां मत्स्व प्रभूवसो ॥ (९)
हे इंद्र! आप के लिए यह सोमरस निचोड़ व छान कर तैयार किया है. आप बहुत धनवान हैं. आप सोमरस से प्रसन्न होने की कृपा करें. (९)
O Indra! It is prepared for you by squeezing and filtering somerous. You are very rich. Please be pleased with Someras. (9)