हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 2.7.4

अध्याय 2 → खंड 7 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 2)

सामवेद: | खंड: 7
एषो उषा अपूर्व्या व्युच्छति प्रिया दिवः । स्तुषे वामश्विना बृहत् ॥ (४)
यह उषा अपूर्व और बहुत प्रसन्नता देने वाली है. यह स्वर्गलोक से आ कर अंधकार का नाश करती है. हे उषा के कार्य सहयोगी अश्विनीकुमारो! हम आप की विशेष स्तुति करते हैं. (४)
This Usha is unique and very happy. It comes from heaven and destroys darkness. O Usha's work associate Ashwinikumaro! We specially praise you. (4)