सामवेद (अध्याय 22)
त्वँ ह्येहि चेरवे विदा भगं वसुत्तये । उद्वावृषस्व मधवन्गविष्टय उदिन्द्राश्वमिष्टये ॥ (९)
हे इंद्र! आप हमें धन देने के लिए पधारिए. आप सन्मार्ग पर चलने वाले को सौभाग्यवान बनाइए. आप हमारी गौ संबंधी इच्छाओं को पूरा कीजिए. (९)
O Indra! You come to give us money. Make those who walk on the path of peace fortunate. You fulfill our cow-related wishes. (9)