हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 22.3.2

अध्याय 22 → खंड 3 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 22)

सामवेद: | खंड: 3
शशमानस्य वा नरः स्वेदस्य सत्यशवसः । विदा कामस्य वेनतः ॥ (२)
हे मरुद्गण! सत्य हमारा बल है. हम यज्ञ करते हुए पसीने से तर हो गए हैं. आप ऐसे उपासकों की मनोकामनाएं पूरी करने की कृपा कीजिए. (२)
O Desertion! Truth is our force. We have become sweaty while performing yagna. Please fulfill the wishes of such worshippers. (2)