सामवेद (अध्याय 23)
त्वं नश्चित्र ऊत्या वसो राधाँसि चोदय । अस्य रायस्त्वमग्ने रथीरसि विदा गाधं तुचे तु नः ॥ (७)
हे अग्नि! आप हमें संरक्षण दीजिए. आप जो धन अपने रथ से ले जाते हैं, वह हमें दीजिए. आप विलक्षण हैं. हमारी पीढ़ियां भी यशस्वी हों. (७)
O agni! You give us protection. Give us the money you take away from your chariot. You are fantastic. May our generations also be successful. (7)