हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 25.5.10

अध्याय 25 → खंड 5 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 25)

सामवेद: | खंड: 5
स नो विश्वा दिवो वसूतो पृथिव्या अधि । पुनान इन्दवा भर ॥ (१०)
हे सोम! आप स्वर्गलोक, पृथ्वीलोक और सर्वत्र व्याप्त हैं. आप हमें सब प्रकार का कल्याण प्रदान करने की कृपा कीजिए. (१०)
O Mon! You are in heaven, earth and everywhere. Please give us all kinds of welfare. (10)